युवा कांग्रेस चुनाव में ‘वोट विवाद’ से कांग्रेस में घमासान! 400 शिकायतें, फर्जी वोटिंग के आरोप…शिव डहरिया बोले-रद्द हो चुनाव

रायपुर। छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के संगठन चुनाव को लेकर कांग्रेस के भीतर ही घमासान तेज हो गया है। फर्जी वोटिंग, तकनीकी गड़बड़ी, OTP के कथित दुरुपयोग और मोबाइल आईडी से छेड़छाड़ जैसे आरोपों ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता शिव डहरिया ने भी युवा कांग्रेस का चुनाव रद्द कर दोबारा चुनाव कराने की मांग कर दी है।
शिव डहरिया का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष नजर नहीं आ रही है। उन्होंने चुनाव प्राधिकरण से सामने आई शिकायतों को गंभीरता से लेने और पूरी प्रक्रिया की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई करने की मांग की है।
बताया जा रहा है कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों से करीब 400 शिकायतें चुनाव प्राधिकरण तक पहुंचने का दावा किया जा रहा है। शिकायतकर्ताओं की मांग है कि जब तक कथित गड़बड़ियों की जांच पूरी न हो जाए, तब तक चुनाव परिणाम घोषित नहीं किए जाएं। जरूरत पड़ने पर पूरी चुनाव प्रक्रिया रद्द कर नए सिरे से मतदान कराने की मांग भी उठ रही है।
दिल्ली में चुनाव आयोग पर सवाल, छत्तीसगढ़ में अपने चुनाव पर घिरी कांग्रेस
युवा कांग्रेस चुनाव को लेकर उठे सवालों ने कांग्रेस के सामने एक राजनीतिक असहज स्थिति पैदा कर दी है। पार्टी के शीर्ष नेता जहां राष्ट्रीय स्तर पर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और चुनावी पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाते रहे हैं, वहीं छत्तीसगढ़ में पार्टी के अपने संगठन चुनाव की प्रक्रिया पर ही गंभीर आरोप लग रहे हैं।
अब मामला केवल प्रदेश स्तर की शिकायतों तक सीमित नहीं रहने की बात कही जा रही है। शिकायतों के राष्ट्रीय स्तर के चुनाव प्राधिकरण तक पहुंचने के दावों के बीच आने वाले दिनों में जांच और कार्रवाई पर सबकी नजर रहेगी।
भिलाई-दुर्ग में फर्जी पहचान से वोटिंग का आरोप
भिलाई-दुर्ग में युवा कांग्रेस चुनाव के दौरान कथित फर्जी वोटिंग और तकनीकी गड़बड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि खुर्सीपार स्थित शासकीय आईटीआई में फर्जी मतदाता पहचान पत्र के जरिए ऑनलाइन मतदान कराया गया।
प्रत्याशी अर्जुन शर्मा की ओर से खुर्सीपार थाने में शिकायत किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा कॉल सेंटर के जरिए दूसरे लोगों की पहचान का इस्तेमाल कर वोटिंग कराने के आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
जशपुर में मतदान खत्म होने के बाद सात वोट जुड़ने का दावा
जशपुर में कुनकुरी नगर पंचायत अध्यक्ष और युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद के प्रत्याशी विनयशील ने मतदान प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि मतदान समाप्त होने के बाद उनके मोबाइल नंबर से जुड़ी आईडी में सात अतिरिक्त अनपेड वोट दिखाई दिए।
विनयशील के मुताबिक इन वोटों में कोरबा से दो, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई से चार और सूरजपुर से एक वोट शामिल है। उनका दावा है कि उन्होंने इन वोटों के लिए स्वयं मतदान नहीं कराया। उन्होंने ‘With IYC’ एप की तकनीकी जांच कराने की मांग की है।
राजनांदगांव में मोबाइल आईडी से छेड़छाड़ का आरोप
राजनांदगांव में शहर जिला अध्यक्ष पद के प्रत्याशी अमर झा और विप्लव शर्मा ने भी चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। दोनों का आरोप है कि उनकी मोबाइल आईडी से छेड़छाड़ कर दूसरे प्रत्याशियों के पक्ष में वोट डाले गए।
दोनों प्रत्याशियों की ओर से रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष शिकायत किए जाने की बात कही गई है। अब शिकायत में लगाए गए आरोपों की तकनीकी जांच अहम मानी जा रही है।
बिलासपुर में ऑडियो वायरल, वोट मैनेजमेंट के आरोप
बिलासपुर में ऑनलाइन मतदान के दौरान कथित फर्जी वोटिंग और वोट मैनेजमेंट से जुड़ा ऑडियो सामने आने का दावा किया गया है। ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है, लेकिन इसे लेकर स्थानीय स्तर पर राजनीतिक हलचल जरूर बढ़ गई है।
विधायक अटल श्रीवास्तव ने भी इस तरह की शिकायतें मिलने की बात कही है। उन्होंने मामले को कांग्रेस कमेटी के संज्ञान में भेजे जाने की जानकारी दी है।
मुंगेली में बाहरी लोगों से वोटिंग कराने का आरोप
मुंगेली में भी युवा कांग्रेस चुनाव विवादों से अछूता नहीं रहा। स्थानीय प्रत्याशियों ने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश से कुछ लोगों को बुलाकर मतदान कराया गया। शिकायत में दावा किया गया कि ये लोग मुंगेली पहुंचे और सर्किट हाउस में ठहरे थे।
हालांकि, बाहरी लोगों से मतदान कराने के इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। इसकी वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
14.56 लाख से ज्यादा वोटिंग, अब तकनीकी जांच पर टिकी नजर
युवा कांग्रेस संगठन चुनाव में करीब 14 लाख 56 हजार से ज्यादा वोटिंग होने की जानकारी सामने आई है। इतने बड़े स्तर पर मतदान के बीच अलग-अलग जिलों से शिकायतों का सामने आना चुनाव प्राधिकरण के लिए भी चुनौती बन गया है।
सबसे बड़ा सवाल अब इस्तेमाल किए गए डिजिटल सिस्टम और ‘With IYC’ एप की विश्वसनीयता को लेकर उठ रहा है। प्रत्याशियों की मांग है कि वोटिंग डेटा, मोबाइल आईडी, OTP, लॉगिन रिकॉर्ड और संबंधित तकनीकी जानकारी की स्वतंत्र जांच कराई जाए।
चुनाव से ज्यादा अब भरोसे की लड़ाई
युवा कांग्रेस चुनाव का विवाद अब सिर्फ अलग-अलग प्रत्याशियों की शिकायतों तक सीमित नहीं दिख रहा। मामला धीरे-धीरे चुनाव की विश्वसनीयता और डिजिटल मतदान प्रणाली पर भरोसे का सवाल बनता जा रहा है।
यदि शिकायतों की जांच में तकनीकी गड़बड़ी या फर्जी मतदान के आरोप सही पाए जाते हैं तो चुनाव प्रक्रिया पर बड़ा सवाल खड़ा हो सकता है। वहीं यदि शिकायतें जांच में निराधार साबित होती हैं तो चुनाव प्राधिकरण के पास पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से क्लीन चिट देने का आधार होगा।
